चारों कुल हिंदी में | Charo Qul Hindi Me Padhe
Four Qul Hindi Arbi English Me-इस्लाम में नमाज अदा करने के लिए सूरह और दुआओं का याद होना बहुत जरूरी होता है। इसलिए यहां चारों कुल को हिंदी में और अरबी में साझा किया जा रहा है। यदि किसी को चारों कुल सूरह याद नहीं है तो वह हिंदी में याद कर सकता है यह लेख उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा
Read MoreQuran Ki 114 Surah ka Naam Hindi Mein | कुरान की 114 सूरतों के नाम याद करें
इस्लामी इल्म में कुरान की हर सूरह (Surah) का खास महत्व है। कुरान शरीफ में कुल 114 सूरह हैं जिनमें अल्लाह के आदेश, इंसान के लिए हिदायत और पैग़म्बरों की कहानियाँ हैं। इन सूरहों को याद करना और समझना हर मुसलमान के लिए फज़ीलत वाला अमल है।
Read Moreसूरह बकरा की आखिरी 2 आयतें और उनकी फ़ज़ीलत | Surah Baqarah Last 2 Ayat in Hindi
सूरह अल-बकरा की आख़िरी दो आयतें (आयत 285 और 286) इस्लाम में बहुत बड़ा दर्जा रखती हैं। इन्हें रात में सोने से पहले पढ़ना सुन्नत है और इनकी फ़ज़ीलत कई हदीसों में बयान की गई है। यह आयतें ईमान, तौबा, रहमत और अल्लाह की मदद से जुड़ी हुई हैं।
Read Moreदरूद-ए-ताज की फ़ज़ीलत और पढ़ने का तरीका | Darood-e-Taj Benefits in Hindi
दरूद-ए-ताज एक प्रसिद्ध इस्लामी दरूद है जो पैग़ंबर मुहम्मद ﷺ की शान में पढ़ा जाता है। यह दरूद शरीफ़ न सिर्फ़ रूहानी फायदे देता है बल्कि दुनिया और आख़िरत में कामयाबी का भी ज़रिया है। इस लेख में हम जानेंगे दरूद-ए-ताज की फ़ज़ीलत
Read MoreMarhoom Ki Maghfirat Ki Dua | मरहूम की मगफिरत की दुआ
मरहूम की मगफिरत की दुआ (Dua Maghfirat) करना इस्लाम में एक बहुत बड़ा नेक काम है। जब कोई इंसान इस दुनिया से चला जाता है, तो उसके लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी चीज़ है दुआ। इस्लाम सिखाता है कि मरहूम के लिए मगफिरत की दुआ, सदका, कुरान की तिलावत और अच्छे काम उसकी आख़िरत को आसान बना सकते हैं।
Read Moreसूरह यासीन की फजीलत और बरकत | Surah Yaseen Ki Fazilat
Surah Yaseen Ki Fazilat | सूरह यासीन की फजीलत- सूरह यासीन इस्लाम में बहुत अहमियत रखती है। जानिए कुरान और हदीस की रोशनी में Surah Yaseen की फजीलत, बरकत, और इसके पढ़ने के अनगिनत फायदे।
Read MoreSurah Mulk Ki Fazilat | सूरह मुल्क की फ़ज़ीलत कुरान और हदीस से
Surah Mulk Ki Fazilat | सूरह मुल्क की फ़ज़ीलत कुरान और हदीस से सूरह मुल्क कुरान की 67वीं सूरह है जिसमें 30 आयतें हैं। हदीसों में इसे “मुनज्जिया” यानी “बचाने वाली सूरह” कहा गया है। सूरह मुल्क इंसान को कब्र के अज़ाब से बचाती है, घर बरकत लाती है और अल्लाह की रहमत को खींचती है। यहाँ कुरान और हदीस की रोशनी में सूरह मुल्क की पूरी फज़ीलत पेश है।
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